जगन्नाथ मंदिर की तीसरी सीढ़ी पर क्यों नहीं रखते पैर ,जानें क्या हैं जगन्नाथ मंदिर के रहस्य

दुनियाभर के प्रचलित मंदिरों में से एक जगन्नाथ मंदिर भी शामिल है. यहां रोजाना हजारों की संख्यों में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर में कई ऐसे रहस्य जो आज भी राज बने हुए हैं, जिन्हें वैज्ञानिक भी सुलझा नहीं पाए हैं.

जगन्नाथ मंदिर के रहस्य : हिंदू धर्म में जगन्नाथ यात्रा का विशेष महत्व बताया गया है. जगन्नाथ मंदिर अपनी मान्ताओं के साथ-साथ कई रहस्यों की वजह से भी जाना जाता है. मंदिर में आज भी कई ऐसे चमत्कार होते हैं, जिनका पता वैज्ञानिक भी नहीं लगा पाएं हैं. पौरणिक मान्यताओं के अनुसार जगन्नाथ मंदिर को धरती पर बैकुंठ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और सारे पापों का नाश हो जाता है. जानें जगन्नाथ मंदिर से जुड़े कुछ रहस्यों के बारे में.

समुद्र की लहरों की आवाज 
बताया जाता है कि जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश करते ही समुद्र की लहरों की आवाज सुनाई नहीं देती. लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति मंदिर से बाहर आता है, तो लहरों की आवाज फिर से सुनाई देने लगती है. ऐसी कहा जाता है कि देवी सुभद्रा की ये इच्छा थी कि मंदिर में प्रवेश करते ही लोगों का मन शांति हो जाए.

मंदिर की तीसरी सीढ़ी का रहस्य

मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन करके लोगों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. ये देखकर यमराज जगन्नाथ के पास पहुंचे और कहा कि भगवान आपने पाप मुक्ति का ये बहुत सरल उपाय बताया है. लोग आपके दर्शन करके पाप मुक्त हो जाते हैं और कोई भी अब यमलोक नहीं आता.

यमराज की ये बात सुनकर भगवान जगन्नाथ ने कहा कि आप मंदिर के मुख्य द्वार की तीसरी सीढ़ी पर अपना स्थान ग्रहण करें. इस सीढ़ी को यमशिला के नाम से जाना जाएगा और जो भी व्यक्ति मेरे दर्शन के बाद उस सीढ़ी पर पैर रखेगा उसके साथ पुण्य क्षीर्ण हो जाएंगे और उसे यमलोक जाना पड़ेगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button