ट्रंप का टैरिफ वार देश के ल‍िए मौका, रघुराम राजन ने बताया-अमेर‍िका को होगा नुकसान

रघुराम राजन ने कहा हमें यह मानना होगा क‍ि शॉर्ट टर्म में इसका असर अमेरिकी इकोनॉमी पर पड़ेगा. यह ‘सेल्फ गोल’ है और दूसरे देशों पर पड़ने वाले असर की बात करें तो भारत के निर्यात पर किसी भी टैर‍िफ का सीधा असर यह होगा कि अमेरिकी कस्‍टमर के लिए कीमतें बढ़ेंगी.

र‍िजर्व बैंक ऑफ इंड‍िया (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 27% टैरिफ लगाने को भारत एक अवसर में बदल सकता है. उन्‍होंने कहा डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का करीब 60 देशों पर लगाया गया जवाबी टैर‍िफ का दांव ‘उल्टा पड़ेगा’ और भारत पर इसका असर ‘कम’ होगा. उन्होंने कहा, ‘हम ऐसे टैरिफ को कम कर सकते हैं जिन्हें हम बढ़ा रहे हैं और यह देश के लिए फायदेमंद रहेगा. चाहे इससे हमें अमेरिकी टैरिफ को कम करने के लिए बातचीत करने में मदद मिले या नहीं.’

10 से लेकर 50 प्रतिशत तक टैर‍िफ लगाने का ऐलान क‍िया

डोनाल्‍ड ट्रंप ने सभी ट्रेड‍िंग पार्टनर्स से आयात पर 10 से लेकर 50 प्रतिशत तक टैर‍िफ लगाने का ऐलान क‍िया. उन्होंने कहा, ‘हमें यह मानना होगा क‍ि शॉर्ट टर्म में इसका सबसे पहले और सबसे प्रत‍िकूल असर अमेरिकी इकोनॉमी पर पड़ेगा. यह ‘सेल्फ गोल’ (खुद को नुकसान पहुंचाने) है. अन्य देशों पर पड़ने वाले असर की बात करें तो भारत के निर्यात पर किसी भी टैर‍िफ का सीधा असर यह होगा कि अमेरिकी ग्राहकों के लिए कीमतें बढ़ेंगी, इससे उनकी मांग कम होगी और इसका असर यह होगा क‍ि इकोनॉम‍िक ग्रोथ प्रभावित होगी.’

9 अप्रैल से लागू होगा 27 प्रतिशत टैर‍िफ
10 प्रतिशत का बेस‍िक टैर‍िफ 5 अप्रैल से और 27 प्रतिशत 9 अप्रैल से प्रभावी होगा. कुछ सेक्‍टर को टैर‍िफ से छूट दी गई है. इनमें फार्मा, सेमीकंडक्टर और पावर एनर्जी प्रोडक्‍ट शामिल हैं. इकोनॉम‍िस्‍ट ने कहा, ‘चूंकि अमेरिका ने अन्य देशों पर भी टैर‍िफ लगाया है और भारत उन देशों के प्रोड्यूसर के साथ कॉम्‍पटीशन कर रहा है, ऐसे में कुल मिलाकर इसका असर केवल भारत पर शुल्क लगाने के मुकाबले कम होगा क्योंकि अमेरिकी उपभोक्ता विकल्प के तौर पर गैर-शुल्क उत्पादकों के पास तो जा पाएंगे नहीं.’

‘ट्रंप का मकसद अमेरिकी उत्पादन को बढ़ाना’
बिजनेस स्कूल, शिकॉगो बूथ में प्रोफेसर, राजन ने कहा कि ट्रंप का लॉन्‍ग टर्म मकसद अमेरिकी उत्पादन को बढ़ाना है. लेकिन यदि यह संभव भी हो तो इसे हासिल करने में लंबा समय लगेगा. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत पर अमेरिका के जवाबी शुल्क संभवतः महंगाई बढ़ाने वाला नहीं होगा, क्योंकि भारत कम निर्यात करेगा और घरेलू स्तर पर आपूर्ति ज्‍यादा होगी. चीन जैसे अन्य देश अब भारत को निर्यात करने का प्रयास करेंगे, क्योंकि अमेरिकी बाजार ज्‍यादा बंद है.

अमे‍र‍िका का टैर‍िफ लगाना भारत के लिए फायदेमंद होगा
जब उनसे यह पूछा गया क‍ि क्या भारत इस संकट को मौके में बदल सकता है. राजन ने कहा, ‘हम न‍िश्‍च‍ित रूप से उन टैर‍िफ को कम कर सकते हैं जिन्हें हम बढ़ा रहे हैं. यह भारत के लिए फायदेमंद होगा, भले ही इससे हमें अमेरिकी टैरिफ को कम करने में मदद मिले या नहीं.’ उन्होंने कहा कि भारत को यह समझने की जरूरत है कि दुनिया बहुत ज्‍यादा संरक्षणवादी हो गई है, इसलिए हमें ट्रेड को लेकर ज्‍यादा चतुराई से काम करना होगा. राजन ने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व में आसियान और जापान, दक्षिण पश्‍च‍िम में अफ्रीका और उत्तर पश्‍च‍िम में यूरोप की ओर देखने का मतलब बनता है.

चीन के साथ बराबरी का संबंध बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए
उन्होंने कहा कि चीन के साथ बराबरी का संबंध स्थापित करना प्राथमिकता होनी चाहिए. साथ ही, हमें अपने पड़ोसी देशों, दक्षेस देशों के साथ भी मजबूत संबंध बनाने चाहिए. राजन ने कहा, ‘इसका मतलब है राजनीतिक मतभेदों पर काबू पाना. जैसे-जैसे दुनिया क्षेत्रीय ब्लॉक में बंटती जा रही है, दक्षिण एशिया को अलग-थलग नहीं रहना चाहिए.’ राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्‍लोबल लेवल पर अमेरिकी प्रोडक्‍ट पर लगाए गए उच्च शुल्क दरों का मुकाबला करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लगभग 60 देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है.

उन्होंने भारत पर 27 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अमेरिकी वस्तुओं पर भारत उच्च आयात शुल्क वसूलता है, ऐसे में अब देश के व्यापार घाटे को कम करने और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था

 

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