बांग्लादेश के हिंदुओं के दर्द की कहानी….
बांग्लादेश में हिंदु समुदाय के लोग डरे हुए हैं. बांग्लादेश में हिंदुओ की हालात ऐसी है कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है. हिंदू परिवार की बहन-बेटियों से अत्याचार हो रहा है. घर जलाए जा रहे हैं. उनकी नौकरी छीनी जा रही है.

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. हिंदुओं के घर जलाए जा रहे हैं. मंदिरों में तोड़फोड़ की जा रही है. कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर उतारु है. बांग्लादेश के ठाकुरगांव के देबीगंज के नापित पारा में हिंदुओं के घरों में आग लगा दी गई. हिंदु समुदाय के लोग डरे हुए हैं. बांग्लादेश में हिंदुओ की हालात ऐसी है कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है. हिंदू परिवार की बहन-बेटियों से अत्याचार हो रहा है. घर जलाए जा रहे हैं. उनकी नौकरी छीनी जा रही है. परिवार को पलायन को मजबूर किया जा रहा है.
क्या वाकई बांग्लादेश में सुरक्षित हैं हिंदू?
पाकिस्तान में जिस तरह के हालात हैं, जिस तरह की कट्टर सोच है वैसे पाकिस्तान के नक्शे कदम पर तो अब बांग्लादेश भी चल रहा है. जिस तरह से वहां भी पाकिस्तान की तरह अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का नॉन-स्टॉप सिलसिला चल रहा है. बांग्लादेश भी अब इस्लामिक स्टेट बनने से ज्यादा दूर नहीं है. जिसके सबूत इकट्ठा करने के लिए ज़ी न्यूज़ अब बांग्लादेश पहुंच चुका है. और बांग्लादेश पहुंचते ही ज़ी न्यूज़ संवाददाता प्रमोद शर्मा सबसे पहले ढाका के उसी ढाकेश्वरी मंदिर पहुंचे हैं, जहां पहुंचकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के एडवाइजर मोहम्मद युनूस ने हिंदुओं को भरोसा दिलाया था कि बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित हैं. लेकिन, क्या वाकई ऐसा है.
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ नफरत
अब बांग्लादेश वो नहीं रहा, जो शेख हसीना के वक्त था. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ नफरत..और कट्टरवाद के प्रति प्रेम अब बढ़ता जा रहा है. शेख हसीना के जाने के बाद से बांग्लादेश में डेमोक्रेसी अब सिर्फ दिखावे की चीज रह गई है. जिस तरह से बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की सरकार चल रही है, उससे सवाल उठता है कि क्या बांग्लादेश में छात्र आंदोलन का असली मकसद बांग्लादेश का इस्लामीकरण करना तो नहीं था जो कि शेख हसीना के रहते हुए तो मुमकिन नहीं था. अब जब शेख हसीना नहीं हैं तो बांग्लादेश को इस्लामिक स्टेट बनाने का कार्य प्रगति पर है.
हिंदुओं पर हिंसा के पीछे बांग्लादेश के कट्टर मौलाना
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा के खिलाफ वहां की सरकार के साथ साथ कट्टरपंथी मौलानाओं का हाथ है. ये जहरीले मौलाना अपनी तकरीरों में हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं. बांग्लादेश को सिर्फ मुसलमानों का राष्ट्र बता रहे हैं और इसके साथ ही हिंदुस्तान पर कब्जे का ख्वाब देख रहे हैं. बांग्लादेश में नई सरकार के आने के साथ ही हिंदुओं के खिलाफ हिंसा तेज हो गई है. कट्टरपंथी हिंदू बहन-बेटियों के साथ अत्याचार कर रहे हैं. मंदिर को तोड़ रहे हैं और उन्हें आग के हवाले किया जा रहा है. हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भड़काने के पीछे आग में घी डालने का काम यहां के कट्टरपंथी मौलाना कर रहे हैं.