महंगाई और अत्याचार से PoK में हाहाकार! लोगों ने मांगी भारत से मदद….

फायरिंग में 3 की मौत और 100 से ज्यादा घायल,

मुजफ्फराबाद : पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (POK) में पिछले चार दिनों से युद्ध का मैदान बना हुआ है। पाकिस्तानी प्रशासन के अत्याचार के खिलाफ आम लोग सड़कों पर उतर आये हैं और पूरा पीओके हिंसा की आग में जल रहा है। पाकिस्तान ने विरोध को दबाने के लिए हिंसक दमन शुरू कर दिया है और पाकिस्तानी सेना निहत्थे लोगों पर गोलियां चला रही है। सोमवार को पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में चार आम नागरिकों की मौत हुई है।

बावजूद इसके पीओके में विरोध प्रदर्शन कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सब्सिडी पैकेज का लालच देकर मनाने की कोशिश की लेकिन घाटी के लोगों ने इस्लामाबाद के झांसे में आने से साफ इनकार कर दिया है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों का गुस्सा अचानक नहीं फूट पड़ा, इसकी आग काफी समय से सुलग रही थी, जो अब भड़क उठी है।

महंगाई के विरोध में पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में लोग सड़क पर उतर आए हैं. पीओके में ऐसे प्रदर्शन शुरू हुए कि शहबाज़ सरकार मुश्किल में फंस गई है. विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए शहबाज सरकार ने 23 अरब रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी है. लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, जो पाकिस्तानी सेना और शहबाज सरकार के लिए सबसे बड़ी चिंता है.

सड़कों पर बिखरे पत्थर, आगजनी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी. PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद के हालात इस वक्त ऐसे ही बने हुए हैं. यहां कश्मीर की जनता ने सरकार और सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. सरकार और सेना के खिलाफ POK की वाम ने बिगुल फूंक दिया है. कई इलाके में मोबाइल नेटवर्क- इंटरनेट सर्विस बंद हैं और रेंजर्स- सैनिकों के साथ पीओके के लोगों की सीधी भिड़ंत हो रही है.

पीओके में वो हो रहा है जिसे पाकिस्तानी सेना ने सपने में भी नहीं सोचा था. जो सेना लोगों पर भारी थी, वही सेना आज पीओके में खुद अपनी जान बचाकर भाग रही है. लोग उन्हीं के जान के प्यासे बन गए हैं. आवाम का ये गुस्सा आज का नहीं है. ये गुस्सा PoK की आवाम में बीते कई सालों से है, जो अब तेजी से बाहर निकल रहा है.

PoK में बगावत, पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ी
पाक अधिकृत कश्मीर में मंहगाई के खिलाफ बग़ावत ने पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ा दी है. सड़क पर प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है. हिंसक प्रदर्शन से 100 से ज्यादा लोग घायल है. लोग महंगाई और बिजली की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ सड़कों पर हैं. सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

अपने हक और हुकूक के लिए लड़ रही जनता पर शहबाज शरीफ की नापाक सेना गोलियों को बौझार कर रही है. सड़कों पर पड़े खाली कारतूस इस बात की गवाही दे रहे हैं कि कैसे पाकिस्तान की सरकार और सेना PoK की आवाम से डरी है. सेना की गोलीबारी में 3 मासूम जनता की जान चली गई है.

टूट गया पीओके के लोगों का सब्र, आया जलजला
आवाम अत्याचार एक समय तक ही सहती है और जब उसके सब्र का बांध टूट जाता है तो एक जनसमूह का जलजला सड़कों पर उतरता है, अपने हक के लिए लड़ता है. इस लड़ाई में जो सामने आता है, उसे कुचलता हुआ आगे बढ़ जाता है. पीओके से भागकर स्कॉटलैंड में रह रहे कश्मीरी एक्टिविस्ट ने वहां के लोगों की जान बचाने के लिए भारत से मदद मांगी है. अमजद मिर्जा ने कहा, ‘हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि वो पाकिस्तानी राजदूत को बुलाकर स्पष्टीकरण मांगे. यह पीओके में दिनदहाड़े होने वाली हत्याएं हैं. इस पर चुप नहीं रहा जा सकता.’

PoK में पाकिस्तानी सेना अत्याचार के वो सारे दायरे क्रॉस कर चुकी है. उसके बाद पीओके के लोगों का सब्र टूटा तो तस्वीरें पलट गई हैं. पाकिस्तान की पुलिस ही जनता से जान बख्शने की गुजारिश कर रही है. प्रदर्शनकारियों ने कोहाला- मुजफ्फुराबाद रोड को बंद कर दिया. ये सड़क 40 किलोमीटर लंबी है और कोहाला शहर को मुजफ्फराबाद से जोड़ती है.

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