सीबीडीटी ने बताया व‍िदेश जाने के ल‍िए जरूरी नहीं इनकम टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट, जान‍िए क्‍यों?

प‍िछले द‍िनों मीड‍िया में खबर आई थी क‍ि अब व‍िदेश जाने से पहले टैक्‍स क्लीयरेंस सर्ट‍िफ‍िकेट लेना जरूरी होगा. लेक‍िन अब इस पर सीबीडीटी की तरफ से स्‍थ‍ित‍ि को साफ क‍िया गया है और कहा गया क‍ि यह सभी के ल‍िये जरूरी नहीं है.

टैक्‍स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट : प‍िछले द‍िनों कुछ मीड‍िया र‍िपोर्ट में दावा क‍िया गया था क‍ि व‍िदेश जाने से पहले इनकम टैक्‍स व‍िभाग से क्‍लीयरेंस सर्ट‍िफ‍िकेट लेना जरूरी होगा. लेक‍िन अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍स  की तरफ से साफ क‍िया गया है क‍ि कुछ ही लोगों को विदेश जाने से पहले इनकम टैक्स का क्लीयरेंस लेना जरूरी होगा. यह ऐसे लोगों के ल‍िए जरूरी होगा जो भारत में रहते हैं और जिनके खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितता के मामले चल रहे हैं या जिन पर 10 लाख रुपये से ज्यादा का टैक्स बकाया है.

बदलाव को लेकर लोगों के बीच गलत जानकारी

सीबीडीटी की तरफ से कहा गया क‍ि इस बदलाव को लेकर लोगों के बीच गलत जानकारी फैली हुई है. यह संशोधन की गलत जानकारी से बनी है. सीबीडीटी की तरफ से कहा गया क‍ि गलत तरीके से बताया जा रहा है कि सभी भारतीय नागरिकों को देश छोड़ने से पहले इनकम टैक्‍स क्लीयरेंस सर्ट‍िफ‍िकेट (ITCC) हास‍िल करना जरूरी होगा. जबक‍ि यह स्थिति फैक्‍चुली गलत है. देश के टैक्स नियमों के सेक्शन 230(1A) के अनुसार कुछ लोगों को विदेश जाने से पहले टैक्स क्लीयरेंस लेना होता है. ये वहीं लोग हैं जो भारत में रहते हैं.

साल 2024 में नियम से जुड़ा बदलाव किया गया

इस नियम को साल 2003 में जोड़ा गया था. साल 2024 में इस नियम में बदलाव किया गया. अब इसमें ब्लैक मनी एक्ट 2015 का भी जिक्र किया गया है. सीबीडीटी की तरफ से कहा गया क‍ि यह बदलाव इसलिए किया गया ताकि ब्लैक मनी एक्ट के तहत लोगों पर जो टैक्स लगता है, उसे भी इस नियम के तहत शामिल किया जा सके. पहले यह नियम सिर्फ इनकम टैक्स एक्ट और दूसरे डायरेक्ट टैक्स के नियमों के तहत लगने वाले टैक्स के लिए ही था.

क्लीयरेंस सर्टिफिकेट क्‍या है?

क्लीयरेंस सर्टिफिकेट एक ऐसा डॉक्‍यूमेंट है जो क‍िसी ऑथराइज्‍ड अथॉर‍िटी की तरफ से जारी किया जाता है. इससे यह पता चलता है क‍ि किसी व्यक्ति या संस्था ने जरूरी शर्तों या जिम्मेदारियों को पूरा कर लिया है. कई तरह के क्लीयरेंस सर्टिफिकेट होते हैं, जो स‍िचुएशन के ह‍िसाब से अलग-अलग होते हैं. उदाहरण के तौर पर टैक्‍स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट और पुल‍िस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट अलग-अलग होते हैं.

टैक्‍स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट 

टैक्‍स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट इनकम टैक्‍स ड‍िपार्टमेंट की तरफ से जारी किया जाता है. यह बताता है कि किसी व्यक्ति या कारोबार ने अपने सभी टैक्स चुका दिए हैं या बकाया रकम चुकाने का इंतजाम कर लिया है. कई मामलों में इस सर्टिफिकेट की जरूरत होती है, जैसे कि लोन लेने के लिए, सरकारी ठेकों पर बोली लगाने के लिए. अब देश छोड़ने से पहले भी इस तरह के क्लीयरेंस सर्टिफिकेट का न‍ियम 1 अक्‍टूबर से लागू करने की बात कही जा रही है.

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